जिले में योग्य भूमिहीन लाभुकों की पहचान के लिए शुरू हुआ सर्वे, आवेदन के लिए जिला कार्यालय जाने की जरूरत नहीं
अभियान बसेरा के दूसरे चरण के तहत जिले में योग्य भूमिहीन लाभुकों की पहचान के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए भूमिहीन लोगों को आवेदन जमा करने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। जिले की प्रत्येक पंचायत और अंचल/ब्लॉक कार्यालय में आवेदन प्राप्त करने के लिए कियोस्क/काउंटर की व्यवस्था की गई है।भूमिहीन व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिखित आवेदन के साथ आवेदक, पति-पत्नी तथा वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड की स्व-अभिप्रमाणित प्रति, जाति प्रमाण पत्र तथा राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या निवास प्रमाण पत्र में से कोई एक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ परिवार का सामूहिक फोटो भी देना होगा।इसके अलावा आवेदक के पास वासयोग्य भूमि नहीं होने तथा पूर्व में किसी सरकारी योजना के तहत वासभूमि नहीं मिलने की स्थिति में निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र देना होगा। वहीं, यदि कोई भूमिहीन परिवार सरकारी भूमि पर बसा हुआ है तो संबंधित भूमि के मौजा, खाता और खेसरा की विवरणी यथासंभव उपलब्ध करानी होगी।आवेदन में सहयोग के लिए काउंटर पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति आवेदन लिखने और उसे जमा करने में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश के आलोक में संबंधित काउंटरों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये कर्मी आवेदन प्रक्रिया में लोगों को आवश्यक सहयोग देंगे।प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जमीन के पर्चे के लिए आवेदन करने के लिए जिला कार्यालय या किसी अन्य स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं है। भूमिहीन लोग अपने नजदीकी पंचायत अथवा अंचल/ब्लॉक कार्यालय में स्थापित काउंटर पर ही आवेदन जमा कर सकते हैं।अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आकर्षक स्थानीय अखबार की शैली में 2-3 अलग-अलग शीर्षकों और छोटे इंट्रो के साथ भी बना सकता हूँ।
